बदनाम गली notorious way - Zindgi ek kavita

बदनाम गली notorious way

जिंदगी एक कविता

जिंदगी एक कविता

चलो अच्छा ही हुआ
साहिब आपके शहर में,  
अब कोई बस्ती, बदनाम न रहेगी।
जो शोभा नही देते थे,
आपके सभ्य समाज को,
तवायफ जैसे शब्दों से
 अब मेरी भी,पहचान न रहेगी।।
@साहित्य गौरव

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