वक्त पर कविता,waqt par kavita
वक्त पर कविता,waqt par kavita
जिंदगी एक कविता
अभी वक्त हूं खराब, कल बीत जाऊंगा,
अपने पुराने रंग में, फिर लौट आऊंगा।
.......अभी वक्त हूं खराब, कल बीत जाऊंगा,
आज शौक से उड़ा लो, मजाक तुम मेरा,
कल बदलेगा जमाना, तो मुस्कुराऊंगा।
.....अभी वक्त हूं खराब कल बीत जाऊंगा,
जल्द आयेगी समझ में, तुम्हें मेरी कीमत ,
जब तुम्हे मैं तुम्हारी, औकात दिखाऊंगा।
....अभी वक्त हूं खराब, कल बीत जाऊंगा,
मेरी मुफलिसी में मुझको, आजमा रहे हो,
तेरी शौहरत को मैं भी, खूब आजमाऊंगा।
.........अभी वक्त हूं खराब, कल बीत जाऊंगा,
तुम याद से मेरा, ये बुरा वक्त याद रखना,
कभी तेरा भी वक्त होगा, याद दिलाऊंगा।
..........अभी वक्त हूं खराब, कल बीत जाऊंगा,
@साहित्य गौरव
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