हुजूर,huzur
जो हो रहें दोस्तो से वो,ऐसे दूर तो क्या हुआ।
इस दौर में हर किसी को,लग रही है ये बीमारी
चढ़ गया जो उनको भी,इसका फितूर तो क्या हुआ।
अंदाज उनके आजकल,अलग से ही से लग रहे है
जबसे हो गए जरा सा वो,मशहूर तो क्या हुआ।
चढ़ जाता है वक्त वक्त पे,ये इस आदमी की जात को
आ गया उन्हें भी थोड़ा सा, गुरूर तो क्या हुआ।।


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