दोहरा चरित्र double charector - Zindgi ek kavita

दोहरा चरित्र double charector

जिंदगी एक कविता
जिंदगी एक कविता

कुछ लोग दो चेहरे और मतलबी किरदार रखते है।
पीठ पीछे भौखने का हुनर भी असरदार रखते है।
किसी पर तोहमत लगाने से पहले,
जनाब खुद भी अपनी औकात देख लेना,
अकसर ऐसे लोगो को हम भी,
नजरों से अपनी दरकिनार रखते है।

गिरे हुए है जो सबकी नजरो में फिर भी,
बेवजह दूसरों को बदनाम हर बार करते है।
रिश्ता नही रखता फिर ऐसों लोगों से कोई
पहचानने से भी इनको इनकार करते है।
इज्जत नहीं है खुद जिनकी दो कौड़ी की
बड़प्पन का दिखावा वो सरे बाजार करते है।@गौरव


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